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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Tuesday, April 7, 2015

वादविवाद सिखणो स्कूल

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                         वादविवाद सिखणो स्कूल

                        चबोड़्या स्किट :::   भीष्म कुकरेती 
           -चरित्र -

आदिम 
रिसेप्सनिस्ट 
गाळिदिवा 
बात कु बतंगड़ बणाण  वळ -विवादप्रिय 
मरखुड्या
-Skit Script-
आदिम - मैडम ! मि वाद विवाद मा पड़न चांदु। 
रिसेप्सनिस्ट - कनो ब्यौ नि ह्वे अबि ?
आदिम -मि इक मजाक करणो नि अयुं छौ बल्कि वादविवाद करणो अयुं छौ। 
रिसेप्सनिस्ट - म्यार क्या जाणु च।  अच्छा पैल बि ऐ छया ? क्या ?
आदिम - ना 
रिसेप्सनिस्ट - ऐ बि जांद तो क्या फरकै दींदु धौं !   
आदिम -क्या ?
  रिसेप्सनिस्ट -कुछ ना।  मार खाण  वळ तै भगवान बि नि बचाँद।  क्या एकी वादविवाद चयेणु च या पूरो कोर्स करण ?
आदिम -फीस क्या च ?
रिसेप्सनिस्ट - एक ववादविवादक पांच सौ अर कोर्सक सात। 
आदिम -तो फिर द्वी सौ रुपया जादा इ छन तो मि कोर्स इ करुल।
रिसेप्सनिस्ट - तो निकाळो सात हजार। 
आदिम -है ? पर तीन तो सात बोलि छौ ?
रिसेप्सनिस्ट - मीन सात ब्वाल छौ  ना कि सात सौ।  द्वी सौ रुप्या मा दूकान खरीदणो निकळयूँ छे क्या ?
आदिम - ले पांच सौ रुपया। 
रिसेप्सिनिस्ट - दिखद छौ।  क्वी खाली बि च कि ना।  अच्काल सांसद अर विधायक अधिक आणा छन तो शिक्षकों की भारी कमी ह्वे गे। 
[विराम ]
हाँ मिस्टर खराबीलाल फ्री छन;  पर नही वु अर्णब गोस्वामी का च्याला अर पिशाब करै दींदन। पैल पैल ठीक नी च।  तुम कमरा संख्या १२ मा इ जावो।
आदिम -धन्यवाद।
आदिम हॉलक  तरफ जांद अर एक कमरा खुलद।
गाळिदिवा -बोल बै रुंदी सूरत का ? किलै छे भरचयुं सि कुखड़ो तरां इना ऊना रिंगणी ?
आदिम -वींन ब्वाल कि इना -गाळिदिवा -अबे खीरा जन मुखक वा क्या तेरी ब्वे लगदी ? जु तू वींकुण वीं बुलणि छे।
आदिम -क्या ?
गाळिदिवा -चुप बै।  सुप्प जन कंदूड  अर मि तै सवाल पुछणु छे। थुळु जन नाक वळ तू में से क्या सवाल करिली।  
आदिम -ह्यां पर ?
गाळिदिवा -थुबड़ पर ताळु लगा बै कडै  जन गाल वळ , बेशरम , बिलंच , बदमाशुं भुला - साला अंधा - कुचम्यर आंखू का अर बांदर जन सूरत का - हरामी की औलाद।
आदिम -पर मि त वादविवाद सिखणो अयुं छौं। गाळिदिवा -ओहो ! क्षमा कर्याँ साब।  आप गलत कमरा मा ऐ गेवां।  यु 12 A कमरा छ अर आप तै 12 मा जाण।  क्षमा हाँ।  भलो ह्वे आपन समय पर बतै दे निथर ब्वे -बाबुं -बैणि -भणजिक गाळी खये छे आपन।  सॉरी !
आदिम -नै नै।  क्वी बात नी [अफिक - बदमाश कु बच्चा ]
गाळिदिवा  [अफिक ]-साला हरामी का पिल्ला ! फीस वादविवाद का अर फोकट मा गाळि  खै गे। 
आदिम [ ढुंढद -२ एक दरवज खुल्दु ] -
आवाज -भितर ऐ जा। 
आदिम - क्या विवाद सिखणो कमरा यी च ?
विवादप्रिय - मीन पैलि बोल याल। 
आदिम -ना ना तुमन ना -
विवादप्रिय -हाँ कनि मीन। 
आदिम -कब ?
विवादप्रिय -अबि।
आदिम -नही। .
विवादप्रिय -आदिम -हाँ। 
आदिम -ना ना।
विवादप्रिय -हाँ हाँ।
आदिम -नही नही।
विवादप्रिय -मीन बोल याल हाँ कि मीन अबि ब्वाल। 
आदिम -मीन बि बोल याल कि तुमन नि ब्वाल।
विवादप्रिय -एक मिनट ! त्यार कोर्स पांच मिनट कु च कि आधा घंटा कु ?
आदिम -पांच मिनटकु।
विवादप्रिय -
धन्यवाद।  पर मीन बोलि याल छौ।
आदिम -अरे नि ब्वाल , नि ब्वाल , कतै नि ब्वाल।
विवादप्रिय -
देखो पैल इ बात साफ़ हूण चयेंद कि मीन ब्वाल च।
आदिम - हाँ , ट्रेनिंग से पैल मी बि बात साफ करण चांदु कि तुमन नि ब्वाल।
विवादप्रिय -ब्वाल च।
आदिम -नि ब्वाल।
विवादप्रिय -
ब्वाल च।
आदिम -ना ना
विवादप्रिय -
हाँ हाँ
आदिम -ना। 
विवादप्रिय -हाँ।
आदिम -देखो यु विवाद नी च।
विवादप्रिय -
यु विवाद च।
आदिम -यु विवाद ना विरोधाभास च।
विवादप्रिय -
नही , यु विरोधाभास नी च अपितु विवाद च।
आदिम -ना ना ना। नी च।
विवादप्रिय -हाँ हाँ छैं च।
आदिम -ना यु विवाद नी। च
विवादप्रिय -
छैं च।
आदिम -यु विरोधाभास च।
विवादप्रिय -
बकबास
आदिम -बकबास नी च ।   
विवादप्रिय -बकबास च।
आदिम -मि इक अच्छु वाद विवाद सिखणो ऐ छौ।
विवादप्रिय -
नही तुम केवल विवाद सिखणो ऐ छया।
आदिम -यु विवाद नी  अपितु विरोधाभास च। विवाद विरोधाभास नि हूंद।
विवादप्रिय -
ह्वे सकुद च।
आदिम -नही नि ह्वे सकुद।
विवादप्रिय -किलै नि ह्वे सकुद ?
आदिम -किलैकि विवाद मा विचार मेल नि खांदन अर मतभेद हूंद अर विरोधाभास मा स्थति विरोध मा हूंदन।
विवादप्रिय -
नही इन नी च।
आदिम -इनि च।
विवादप्रिय -
ना इन नी च। 
[इथगा मा घंटी बज जांद ]
विवादप्रिय - अब चुप्प।
आदिम -अरे अबि तक त विवाद शुरू हि नि ह्वे।
विवादप्रिय -
पांच मिनट ह्वे गेन। 
आदिम -पर मि तै मजा आणु च।
विवादप्रिय -त पैसा भारो। 

आदिम [पैसा दींद ]
विवादप्रिय -धन्यवाद।
आदिम - ठीक च।  अब ?
विवादप्रिय -
क्या अब ?
आदिम -अरे मीन पैसा भोरिऐन।
विवादप्रिय -
नि भार।
आदिम -भार च।
विवादप्रिय -नि भौर।
आदिम -भौर च।
विवादप्रिय -
नि भौर।
आदिम -अबे भौर च।
विवादप्रिय -
अबै नि भौर।
आदिम -मि शिकायत करणो जांदु।
विवादप्रिय -भलो भलो।  रूम नंबर 13
आदिम  [जांद ]
[आदिम दरवज खटखटान्दु]
आदिम -मीन शिकैत करण 
मरखुड्या - शिकैत करण ?
आदिम - हाँ 
मरखुड्या -सोची ली हाँ। 
आदिम -इकम सुचणै बात क्या च ?
मरखुड्या -तो ले।  [एक मुक्का मारद ] कौर मेरी शिकैत। 
आदिम - पर मि तुमर शिकैत ना।  विवादप्रिय की शिकैत करण छे। 
मरखुड्या -सॉरी ! यु 13 नंबरौ कमरा च अर शिकैतक कमरा 13 A च। 
आदिम [अफिक ] - वाद विवाद का बाद वादविवाद स्थल से दूर हूणि ठीक च। 

4/4/15 ,
 Bhishma Kukreti , Mumbai India 
*लेख की   घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख में  कथाएँ चरित्र , स्थान केवल व्यंग्य रचने  हेतु उपयोग किये गए हैं।
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