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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Friday, October 17, 2014

मनमोहन सिंग जीक इतिहास मा जगा

चबोड़ इ चबोड़ मा विमर्श ::: भीष्म कुकरेती 

मि -अहा ! ऐ ग्याइ इतिहासौ जंगळ। अब मि इतिहासकारुं  से पुछुद कि भूतपूर्व प्रधान मन्त्रीक भारतौ इतिहास मा क्या जगा च। 
मि -हे इतिहासकार ! हे इतिहासकार ! कख छंवां तुम ? जरा समिण त आवदि !
 इतिहासकार जैक फट्यां -फुट्यां  पैर्यां छया - हाँ हाँ ! बोल क्या पुछणाइ ? 
मि -मनमोहन सिंगै इतिहास मा क्या स्थान च ?
वु इतिहासकार - जब तक मनमोहन सिंह तैं साम्यवाद्यूं खासकर कॉमरेड हरकिशन सिंग सुरजीत आदि कु समर्थन छौ तो मनमोहन सिंह एक आदर्शवादी , तौळक तबकाक तामीरदारी तहेदिल से करद छया।  किन्तु जनि मनमोहन सिंगन अमेरिका से न्यूक्लियर डील कार तब से मनमोहन सिंह एक कैपिटिलिस्ट ह्वे गे अर वैन इण्डिया डुबै दे।  मनमोहन सिंग तैं रूस अर चीन से समझौता करण चयेंद छौ। 
मि -तुम वास्तव मा इतिहासकार छंवां ?
इतिहासकार - हाँ मि एरिक हॉब्सबाउन , रोमिला थापर , विपिन चन्द्र कु पिछलग्गु इतिहासकार छौं। 
मि -तो आप वास्तव मा इन इतिहासकार छंवां जु इतिहास तैं कार्ल मार्क्स , लेनिन अर माओत्से तुंग याने माओ का हिसाब से दिखदा ?
वु इतिहासकार जैन फट्यां -फुट्यां झुल्ला पैर्यां छा - अवश्य इतिहास वी सत्य हूंद कार्ल मार्क्स , लेनिन अर माओत्से तुंग की आंख्युंन दिखे जाव। 
मि -नै नै ! मि तैं इन इतिहास कार की जरूरत च जु निरपक्षी, निरपेक्ष  हो। 
एक दुसर इतिहासकार - हाँ हाँ ! मि बतौल कि मनमोहन सिंह जीकी इतिहास मा असली जगा क्या च ?
मि -क्या च ?
वु इतिहासकार - क्या च ? अरे सोनिया गांधी बेकार छे , सोनिया गांधींन ही मनमोहन सरीखा सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री लैक नेताकी छवि खराब कार। राहुल गांधी मा नेतृत्व गुण नि छन तो वैन अपण नेतृत्वहीन गुण छुपाणो बान क्या नि कार ? सोनिया गांधी का चमचा छया   …। सोनिया गांधी की कार्यशैली बेकार छे।  सोनिया गांधी अपण परिवार कु अस्तित्व बचाणो  लड़ाई लड़नी छे इलै वा सरकारी फ़ाइल अपण ड्यार मंगांदी छे।  सोनिया गांधी भली नेत्यांण नि छे। 
मि -मि मनमोहन सिंग जीक इतिहास मा स्थान की बात पुछणु छौं अर तुम सोनिया गांधी की आलोचनात्मक व्याख्या करणा छंवां। आखिर तुम कै किस्मौ इतिहासकार छंवां ?
म्वास से मुख  लिप्युं ,काळ मुख्या इतिहासकार - मि संजय बारु अर नटवर सिंह सरीखा आत्म कथा लेखकुं भक्त छौं जु मनमोहन सिंह जीक कंधा मा बंदूक धरिक सोनिया गांधी से बदला लीण चांदवां  अर दगड़ मा अपण पाप छुपाणो कोशिश करदन।  
मि -मि तैं तुम सरीखा इतिहासकार की जरूरत नी च अपितु स्वतंत्र विचार धारा का इतिहासकार का विचार चयेंदन जु  इतिहास इतिहास मा मनमोहन सिंह जीक स्थान सुरक्षित कर साको। 
एक हैंको इतिहासकार - सोनिया गांधी विचारक च , वींन मनमोहन सरीखा नेतृत्वहीन गुण वाळ तैं बि गुणकारी प्रधानमंत्री बणै।  सोनिया से बढ़कर क्वी बड़ो नेता आज तक नि ह्वे।  सोनिया जीन राहुल तैं नेता बणणो कौंळ  सिखैन।  सोनिया …  । सोनिया .... । सोनिया  …।
मि - आप कु छन ?
उ - मि दिग्गी बाबू कु गुलाम छौं। 
मि - मि तैं कॉंग्रेस का हिसाब से इतिहास नि चयेणु च बल्कि …
भगव्या टोपी मा एक इतिहासकार -मि बतौल कि मनमोहन सिंह जी कु स्थान इतिहास मा क्या छौ। 
मि -क्या छौ ?
भगव्या टोपी मा कु  इतिहासकार - मनमोहन सिंह जी हिन्दू विरोधी अर मुस्लिम सन्तुष्टिकारी प्रधानमंत्री छया जौन स्वदेशी आंदोलन तैं ध्वस्त कार।  
मि -आप कु छन ?
भगव्या कपड़ों कु इतिहासकार  -मि डा मुरली मनोहर जोशी अर प्रोफेसर वाइ सुदर्शन राव कु चेला छौं अर कम्युनिस्ट लिखित इतिहास का विरोधी सोच मा दुसर ढंग से इतिहास लिखणु छौं।
मि -मि तैं स्वत्रन्त्र विचारधारा का इतिहास कार की जरूरत च जु मि तैं बतै साक कि मनमोहन सिंग जीक स्थान भारतीय इतिहास मा क्या च ?
एक नंग धड़ंग मनिख - यै इना आ मि बतांदु कि मनमोहन सिंग जीक इतिहास मा असली जगा क्या च। 
मि -हाँ हाँ ! बतावो !
नंग धड़ंग -सुण मूर्ख मनुष्य  ! 
मि -क्या मि मूरख  छौं ?
नंग धड़ंग - जु स्वतंत्र विचारधारा कु इतिहास खुज्याणु हो वैसे बड़ो मूर्ख कु ह्वे सकद ?
मि -क्या मतलब ?
नंग धड़ंग - -इतिहास जु हूंद वु त सब्युं कुण एकजनि हूण चयेंद  किन्तु जब इतिहासकार लिखद तो वु घटना की व्यख्या अपण हिसाब हिसाब से लिखुद जन कि भारत मा शिक्षण संस्थानों मा कम्युनिष्टुं  कु अधिपत्य राइ , साम्यवाद्यूं बोलबाला छौ या च तो ऊं कम्युनिष्टुंन भारतीय इतिहास तैं बामपंथी चस्मा से ही नि द्याख , मार्क्स का हिसाबन व्याख्या बि कार अपितु बामपंथी हिसाब से इतिहास मा बदलाव बि करी दे। अब राइट विंग हिस्टोरियन अपण हिसाब से भारतीय इतिहासौ व्याख्या करणम व्यस्त छन। 
मि -हैं ?
नंग धड़ंग - हाँ जरा वेद अर महाभारत पर नजर तो मार !
मि -क्या मतलब ?
नंग धड़ंग - देख वेदूं से साफ़ लगद कि वेद इंद्र परस्ती , अग्नि परस्ती लेखकों  विचारकों  व्याख्या च।  किन्तु महाभारत अर श्रीमद्भागवत सरासर इंद्र विरोधी विचारकों की रचना च।  वास्तव मा महाभारत अर श्रीमद्भागवत मा विष्णु वादी विचारकन इंद्र अर अग्नि तैं बौना सिद्ध कर दे अर विष्णु एवं कृष्ण तैं सर्वोपरि परमेश्वर सिद्ध करी दे।  इनि हरेक पुराण छन , हरेक पुराण रचयितान अपण विचारुं से इतिहास की व्याख्या कार अर असलियत तैं अपण विचारों तैं पुष्ट करणो बान त्वाड़ बि च , मरोड़ बि च अर भौत सा हिस्सा गबे (खड्डा मा दबाण )  बि च। 
मि -मतबल क्वी बि इतिहास स्वतंत्र विचारधारा का नि ह्वे सकुद ?
नंग धड़ंग - कभी भी नही।  जब क्वी कम्युनिष्ट इतिहासकार मनमोहन सिंह जीका बारा मा ल्याखल तो वो मनमोहन जी तैं वामपंथी चश्मा से द्याखल , सोनिया समर्थक इतिहासकार गांधी परिवार  परिपेक्ष मा मनमोहन का बारा मा ल्याखल तो भाजपा या दक्षिणपंथी अथवा मुलायम /जयललिता/ममता  पंथी इतिहासकार अपणि गिरवी धरीं धारणाओं आधार पर ही मनमोहन जीक बारा मा ल्याखल।
मि -मतबल इतिहास धारणाओं कु खेल च?
नंग धड़ंग - बिलकुल ! इतिहास धारणाओं कु नंगा नाच  च । जन चश्मा पैरो तन भूतकाल दिख्याल ! 


Copyright@  Bhishma Kukreti  16/10 /2014       
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लेख में  घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख  की कथाएँ चरित्र व्यंग्य रचने  हेतु सर्वथा काल्पनिक है



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