उत्तराखंडी ई-पत्रिका की गतिविधियाँ ई-मेल पर

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

Sunday, April 22, 2012

Anti Dam Hindi Poem By Dr Narendra Gauniyal

Hindi Poems by Dr.Narendra Gauniyal
 
Anti Dam Poems in Hindi by Asian Poets,
 Anti Dam Poems in Hindi by South Asian  Poets,
Anti Dam Poems in Hindi by SAARC Country Poets,
Anti Dam Poems in Hindi by Indian  Poets,
Anti Dam Poems in Hindi by North Indian Poet,s
Anti Dam Poems in Hindi by Uttarakhandi Poets,
Anti Dam Poems in Hindi by  Garhwali  Poets,
Anti Dam Hindi Poem By Dr Narendra Gauniyal 
 
************यह झील **********यह झील
एक छोटा सा समंदर
समा गयी
एक शहर की विरासत
एक संस्कृति
एक इतिहास
घर डूबे
गलियां डूबी
महल डूबे
सबकुछ
डूब चुका
ढूंढें कहाँ
इस जलराशि में
जो सब यहाँ
लील चुका

डूब क्षेत्र के लोग
बेचारे
घर छोड़ा
गांव छोड़ा
जाने क्या-क्या छोड़कर
भागे
बदहवास

ये निर्वासित
कहीं दूर
अनजानी जगहों पर
सर छुपाने
निकल पड़े हैं.

खाट,बिस्तर,संदूकची
भांडे ,बर्तन
गागर,तौली,परात
गिलास,कटोरी
बोरे में समेटे
झील के बढ़ते पानी को देख
भाग चले हैं दूर
अपना अस्तित्व तलाशने

लेकिन
नीचे की ओर
जो बेफ़िक्र हैं
वे कभी भी
आ सकते हैं
इस भयंकर
हाइड्रोबम की चपेट में
धरती की एक छींक
काफी होगी
लाखों लोगों को
डुबोने के लिए .
      डॉ नरेन्द्र गौनियाल ..
बड़े डाम विरोधी हिंदी कविताएँ, बड़े डाम विरोधी एशियाई कवि की हिंदी कविताएँ,
बड़े डाम विरोधी दक्षिण एशियाई हिंदी कविताएँ,बड़े डाम विरोधी भारतीय कवि की हिंदी कविताएँ,
बड़े डाम विरोधी उत्तर भारतीय कवि की हिंदी कविताएँ,बड़े डाम विरोधी उत्तराखंडी कवि की हिंदी कविताएँ,
बड़े डाम विरोधी गढ़वाली कवि हिंदी कविताएँ,

No comments:

Post a Comment

आपका बहुत बहुत धन्यवाद
Thanks for your comments